उच्च शिक्षा में महिलाएं

हिंदी विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर परिचर्चा ‘उच्च शिक्षा में महिलाएं : नेतृत्व की चुनौतियां’ था। इस परिचर्चा का संचालन टी.वी. पत्रकार वैशाली चौधरी ने किया।

पंजाब विश्वविद्यालय की पूर्व डी.यू.आई प्रो. मीनाक्षी मल्होत्रा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित परिचर्चा में कहा की “महिलाएं मानवीय सम्बन्धों को संभालने में पुरुषों के मुकाबले अधिक सशक्त होती हैं। इसलिए वह सभी क्षेत्रों में जिम्मेवारियों का निर्वहन बख़ूबी कर सकती हैं।”

डी.एस. डब्लयू (वूमेन) प्रो. नीना कप्लाश ने कहा कि “एक सशक्त महिला ही अन्य महिलाओं को सशक्त बना सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि पहले वह स्वयं को सशक्त बनाए।”

अंग्रेजी विभाग की अध्यक्ष प्रो. दीप्ति गुप्ता ने कहा कि ” समाज में आने वाले परिवर्तनों को संभालना और उनसे संयोजन स्थापित करना ही जीवन है।”

यू.आई.ई.टी. की पूर्व निदेशक प्रो. रेनू विग ने बताया कि जिस समय पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में कल्पना चावला पढ़ती थी, उस समय महिलाओं के लिए टॉयलेट की भी व्यवस्था नहीं थी। जबकि वर्तमान में काफी बदलाव आ चुका है।

पंजाब विश्वविद्यालय की डी.पी.आर. रेणुका सालवान और बैंक ऑफ बड़ौदा की अधिकारी डॉ. स्वाति भी इस परिचर्चा पर उपस्थित रहीं।

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