प्रोफ़ेसर सुभाष चन्द्र और अनौपचारिक परिचर्चा

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से प्रोफ़ेसर सुभाष चन्द्र अनुवाद डिप्लोमा की मौखिकी के सिलसिले मे हिंदी विभाग में पधारे। इसके उपरांत विभाग के पुस्तकालय में एक अनौपचारिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें प्रोफ़ेसर सुभाष चन्द्र भारतीय समाज को दिशा देने वाली दो हस्तियों ज्योतिबाफुले और भीमराव अम्बेडकर के चिंतन पर अपने विचार व्यक्त किए।
आगामी 11और 14 अप्रैल को इन महापुरुषों की जयंती भी है। उन्होंने बताया कि भारतीय समाज की दो मुख्य समस्याएँ एक वर्ण व्यवस्था दूसरी पितृसत्तात्मक व्यवस्था ने समाज को बहुत गहरे से प्रभावित किया है।

उनके वक्तव्य के बाद सवाल जवाब के सत्र में विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. गुरमीत सिंह, प्रो. नीरजा सूद, और डॉ. अशोक कुमार भी उपस्थित रहे।

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